Friday, September 14, 2018

भारत में 79 हजार पढ़े लिखे भिखारी

भारत में 79 हजार पढ़े लिखे भिखारी


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भीख मांगते लोगों के बारे में अगर आपकी भी यही धारणा है कि वे अशिक्षित और लाचार होने की वजह से मांग कर अपना जीवन यापन करते हैं तो ध्यान दें कि एक रिपोर्ट के अनुसार देश में बड़ी संख्या में डिग्री और डिप्लोमा वाले भिखारी हैं.


भारत में सड़कों पर भीख मांगने वाले लगभग 78 हजार भिखारी शिक्षित हैं और उनमें से कुछ के पास प्रोफेशनल डिग्री भी है. यह चौकाने वाली बात सरकारी आंकड़ों में सामने आई है. 2011 की जनगणना रिपोर्ट में "कोई रोजगार ना करने वाले और उनके शैक्षिक स्तर" का आंकड़ा हाल ही में जारी किया गया है. इसके अनुसार देश में कुल 3.72 लाख भिखारी हैं. इनमें से लगभग 79 हजार यानि 21 फीसदी साक्षर हैं. हाई स्कूल या उससे अधिक पढ़े लिखे भिखारियों की संख्या भी कम नहीं है. यही नहीं इनमें से करीब 3000 ऐसे हैं जिनके पास कोई न कोई टेक्निकल या प्रोफेशनल कोर्स का डिप्लोमा है. और इनमें से ही कुछ के पास डिग्री है और कुछ भिखारी तो पोस्ट ग्रेजुएट भी हैं.

क्यों मांगते हैं भीख

आज हमारे इंडिया की एक गर्व की बात है। इंडिया में लोग एजुकेशन तो ले रहे है ।लेकिन उनको इतना अच्छा डिग्री या gradution करने बाद भी अगर उहने जॉब नही मिलती है। क्योंकि मार्किट में compition होने की वजहसे जॉब नHई मिलती और जॉब नही मिलती तो रोजगार नही मिलता गामिली की रेस्पांसिबटी उनके ऊपर होतो है और इसके चलते उहने भिके

आंध्र प्रदेश के गुंटूर जिले के रहने वाले 27 साल के अयप्पा (बदला हुआ नाम) एक शिक्षित भिखारी हैं. परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण हाई स्कूल की पढ़ाई बीच में ही छोड़नी पड़ी. काम की तलाश में मुंबई आने पर काम तो मिला लेकिन शोषण ज्यादा हुआ. बंधुआ मजदूर जैसी स्थिति से छुटकारा पाकर भीख से काम चलाते हैं. अपनी कमाई के बारे में कुछ भी बताने से इनकार करने वाले अयप्पा अपने घरवालों की आर्थिक मदद भी करते है. 


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